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महाकाल मंदिर में रंगपंचमी पर सख्त नियम, रंग-गुलाल पर पूर्ण प्रतिबंध: केवल केसर युक्त जल से होगा भगवान महाकाल का अभिषेक, कैमरों से होगी निगरानी
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस वर्ष रंगपंचमी के अवसर पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। पिछले वर्ष होली के दौरान मंदिर में लगी आग की घटना को ध्यान में रखते हुए, इस बार रंगपंचमी पर किसी भी प्रकार के रंग, गुलाल और विशेष उपकरणों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बुधवार सुबह होने वाली विशेष भस्म आरती में भगवान महाकाल को केवल एक लोटा केसर युक्त जल अर्पित किया जाएगा।
भगवान महाकाल को अर्पित होगा केसर युक्त जल
रंगपंचमी के पावन अवसर पर महाकाल मंदिर में भस्म आरती और संध्या आरती के दौरान परंपरागत रूप से भगवान श्री महाकाल को एक लोटा केसर युक्त जल अर्पित किया जाएगा। यह जल मंदिर की कोठार शाखा द्वारा भस्म आरती पुजारियों एवं शासकीय पुजारियों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से रंगपंचमी की परंपरा को प्रतीकात्मक रूप से मनाया जाएगा, लेकिन किसी भी प्रकार के रंग-गुलाल के उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
श्रद्धालुओं की होगी कड़ी जांच, कैमरों से निगरानी
श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने से पहले सख्त जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। मंदिर के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहेगी, जो सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी श्रद्धालु रंग-गुलाल लेकर भीतर न जाए। महाकाल मंदिर के कंट्रोल रूम में अधिकारी एवं कर्मचारी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मंदिर परिसर की चौबीसों घंटे निगरानी करेंगे। किसी भी श्रद्धालु द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष होली के दौरान महाकाल मंदिर परिसर में रंग उड़ाने के चलते आग लग गई थी, जिससे मंदिर प्रशासन को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। इस घटना से सबक लेते हुए, इस बार रंगपंचमी के अवसर पर पहले से ही सख्त गाइडलाइन जारी की गई है, ताकि मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा बनी रहे। महाकाल मंदिर प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम्, कार्तिकेय मंडपम् सहित पूरे मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का रंग या गुलाल ले जाना, उड़ाना या आपस में लगाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा, किसी भी प्रकार के विशेष उपकरण, जैसे कि पिचकारी, स्प्रे गन या अन्य साधनों का उपयोग कर रंग उड़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।